मासिक EMI, कुल ब्याज और पर्सनल लोन Prepayment से होने वाली बचत जानें।
लोन के बीच में अतिरिक्त रकम जमा करके ब्याज बचाएं।
Prepayment की रकम दर्ज करें।
पर्सनल लोन EMI यानी Equated Monthly Instalment वह निश्चित मासिक राशि है, जिसका भुगतान उधारकर्ता बैंक या वित्तीय संस्था को करता है। इसमें मूलधन और ब्याज दोनों शामिल होते हैं। EMI की राशि लोन अमाउंट, ब्याज दर और अवधि पर निर्भर करती है।
EMI की गणना के लिए बैंक आमतौर पर इस फॉर्मूले का उपयोग करते हैं:
यहां P लोन की मूल राशि, R मासिक ब्याज दर और N कुल मासिक किस्तों की संख्या है।
जब आप नियमित EMI के अलावा लोन की मूल राशि में अतिरिक्त रकम जमा करते हैं, तो इसे Prepayment कहते हैं। इससे बकाया मूलधन कम होता है और भविष्य में लगने वाला ब्याज घट सकता है। Prepayment के बाद आप EMI कम करने या लोन की अवधि घटाने का विकल्प चुन सकते हैं।
यह ऑनलाइन टूल लोन राशि, ब्याज दर और अवधि के आधार पर मासिक EMI का अनुमान देता है।
Prepayment से बकाया मूलधन घटता है और भविष्य में लगने वाला ब्याज कम हो सकता है।
EMI समान रखने पर आमतौर पर लोन जल्दी समाप्त होता है। अवधि समान रखने पर मासिक EMI कम हो सकती है।
यह बैंक और लोन एग्रीमेंट की शर्तों पर निर्भर करता है। कुछ लोन में लॉक-इन अवधि या Prepayment शुल्क लागू हो सकता है।
हां, MP News Hindi का यह कैलकुलेटर मुफ्त इस्तेमाल किया जा सकता है।
नहीं, यह अनुमानित गणना है। बैंक की वास्तविक EMI और Prepayment का प्रभाव उसकी ब्याज दर, भुगतान की तारीख और लोन की शर्तों पर निर्भर करेगा।